घाट
रामकुंड
रामकुंड महाराष्ट्र के नासिक स्थित पंचवटी क्षेत्र में गोदावरी नदी के तट पर बना एक पवित्र पत्थर से निर्मित स्नान कुंड है। इसे शहर के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है।
दर्शन समय
4:00 AM –
10:00 PM
अभी खुला
मंदिर और घाट
पौराणिक कथा एवं धार्मिक महत्व:
- ऐसी मान्यता है कि वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम यहाँ नियमित रूप से स्नान करते थे। साथ ही उन्होंने अपने पिता राजा दशरथ के निधन के बाद यहाँ उनके अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक विधियाँ संपन्न की थीं।
- यहाँ के जल में अस्थियाँ और राख जल्दी घुल जाती हैं, ऐसी मान्यता के कारण इस तीर्थ को अस्थिविलय तीर्थ भी कहा जाता है।
- महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और यशवंतराव बळवंतराव चव्हाण जैसी प्रमुख राष्ट्रीय हस्तियों की अस्थियों का विसर्जन यहाँ किया गया है।
- समय और प्रवेश:
- यह स्थान प्रतिदिन २४ घंटे खुला रहता है। यहाँ प्रवेश निःशुल्क है।
- प्रतिदिन शाम को लगभग ७:०० बजे से ८:०० बजे तक गंगा गोदावरी आरती की जाती है।
- अस्थि विसर्जन जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए स्थानीय पंडित आमतौर पर सुबह ६:०० बजे से रात ८:०० बजे तक उपलब्ध रहते हैं। इन अनुष्ठानों के लिए दक्षिणा देने की परंपरा है। इसे पहले ही तय कर लेना उचित रहता है।
- प्रमुख धार्मिक आयोजन:
नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान रामकुंड एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र होता है।
- आसपास घूमने योग्य स्थान:
- कालाराम मंदिर
- कपलेश्वर मंदिर (इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ नंदी की मूर्ति नहीं है।)
- सीता गुफा
- गोदावरी नदी के आसपास स्थित अन्य घाट
- ऐसी मान्यता है कि वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम यहाँ नियमित रूप से स्नान करते थे। साथ ही उन्होंने अपने पिता राजा दशरथ के निधन के बाद यहाँ उनके अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक विधियाँ संपन्न की थीं।
- यहाँ के जल में अस्थियाँ और राख जल्दी घुल जाती हैं, ऐसी मान्यता के कारण इस तीर्थ को अस्थिविलय तीर्थ भी कहा जाता है।
- महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और यशवंतराव बळवंतराव चव्हाण जैसी प्रमुख राष्ट्रीय हस्तियों की अस्थियों का विसर्जन यहाँ किया गया है।
- समय और प्रवेश:
- यह स्थान प्रतिदिन २४ घंटे खुला रहता है। यहाँ प्रवेश निःशुल्क है।
- प्रतिदिन शाम को लगभग ७:०० बजे से ८:०० बजे तक गंगा गोदावरी आरती की जाती है।
- अस्थि विसर्जन जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए स्थानीय पंडित आमतौर पर सुबह ६:०० बजे से रात ८:०० बजे तक उपलब्ध रहते हैं। इन अनुष्ठानों के लिए दक्षिणा देने की परंपरा है। इसे पहले ही तय कर लेना उचित रहता है।
- प्रमुख धार्मिक आयोजन:
नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान रामकुंड एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र होता है।
- आसपास घूमने योग्य स्थान:
- कालाराम मंदिर
- कपलेश्वर मंदिर (इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ नंदी की मूर्ति नहीं है।)
- सीता गुफा
- गोदावरी नदी के आसपास स्थित अन्य घाट
कैसे पहुंचें
पंचवटी, नासिक
दिशा-निर्देश
अपनी यात्रा की योजना
नासिक कुंभ मेला स्नान तिथियां और शाही स्नान का समय
सुरक्षा, आपातकालीन मदद और खोया-पाया
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