मंदिर, स्नान तिथियाँ, गाइड खोजें…
वापस
त्रिवेणी संगम
मंदिर

त्रिवेणी संगम

महाराष्ट्र के नासिक स्थित पंचवटी में त्रिवेणी संगम एक पवित्र तीर्थस्थल है। यहाँ गोदावरी नदी का अरुणा और वरुणा नामक सहायक नदियों से संगम होता है। नासिक के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माने जाने वाला यह स्थान श्री कपलेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित है।

- संगम का महत्व: यहाँ पवित्र गोदावरी नदी का दो छोटी जलधाराओं या सहायक नदियों से संगम होता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इन जलधाराओं को अरुणा (वरुणा) और वरुणी (तरुणी) के नाम से जाना जाता है। (ध्यान दें: यह संगम प्रयागराज के प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम से अलग है, जहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का मिलन होता है।)
- आध्यात्मिक महत्व: इस स्थान को अक्सर "महाराष्ट्र की काशी" कहा जाता है। इसका रामायण से गहरा संबंध है। भक्तों की मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, सीतादेवी और लक्ष्मण ने यहाँ कुछ समय बिताया था।
- धार्मिक अनुष्ठान एवं परंपराएँ: श्रद्धालु यहाँ पवित्र जल में स्नान करके अपने पापों से मुक्ति की कामना करते हैं। इसके अलावा पूर्वजों की स्मृति में पिंडदान और श्राद्ध करते हैं तथा पूजा-अर्चना करते हैं।
- आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थल: त्रिवेणी संगम और निकट स्थित रामकुंड के आसपास कपलेश्वर मंदिर, कालाराम मंदिर और गंगा गोदावरी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं।
- कुंभ मेला: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान यह क्षेत्र एक प्रमुख केंद्र बन जाता है। प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होने वाले इस कुंभ मेले में लाखों साधु-संत और श्रद्धालु यहाँ आते हैं।
श्री प्राचीन गंगा गोदावरी मंदिर, श्री कपालेश्वर महादेव मंदिर के पास, रामकुंड, पंचवटी, नासिक, महाराष्ट्र – ४२२००३, भारत।
दिशा-निर्देश